रागी केवल पोषण की दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि इसे एक जलवायु-अनुकूल और जलवायु-सहिष्णु (Climate-Resilient) मोटा अनाज भी माना जाता है। सामान्यतः मिलेट्स (श्री अन्न) को कई प्रमुख अनाजों की तुलना में कम कृषि संसाधनों की आवश्यकता होती है और ये चुनौतीपूर्ण जलवायु एवं कम अनुकूल परिस्थितियों में भी अच्छी तरह उग सकते हैं।
आज जब टिकाऊ कृषि (Sustainable Agriculture), पोषण और पारंपरिक खाद्य पदार्थों के महत्व पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ऐसे में रागी को फिर से हमारे आहार का हिस्सा बनाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। यह स्वस्थ आहार और टिकाऊ खाद्य प्रणाली को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण विकल्प हो सकता है।
रागी अपनाएँ, पोषण बढ़ाएँ और टिकाऊ भविष्य की ओर एक कदम बढ़ाएँ।
