लेमनग्रास टी एक सुगंधित और कैफीन-मुक्त हर्बल चाय है जो पाचन को बेहतर बनाने, तनाव कम करने और इम्यूनिटी बढ़ाने में मददगार मानी जाती है। यह आयुर्वेद में भी पुरानी जानी-पहचानी जड़ी-बूटी है और सर्दी-जुकाम से बचाव के लिए भी उपयोगी होती है। नीचे दी गई रेसिपी से आप इसे आसानी से घर पर बना सकते हैं।
लेमनग्रास चाय बनाने की विधि
सामग्री
- 1–2 ताज़े लेमनग्रास के डंठल
- 2 कप पानी
- थोड़ा-सा अदरक (वैकल्पिक)
- थोड़ा-सा शहद या नींबू (वैकल्पिक)
विधि
- लेमनग्रास के डंठलों को अच्छी तरह धो लें।
- डंठलों को हल्का-सा कुचल लें या पीट लें, ताकि उनकी सुगंध और प्राकृतिक तेल अच्छी तरह निकल सके।
- एक पैन में 2 कप पानी उबालें और उसमें लेमनग्रास डाल दें।
- धीमी आँच पर 5–10 मिनट तक उबालें।
- हल्के स्वाद के लिए 5 मिनट
- गहरे स्वाद के लिए 10 मिनट
- चाय को छानकर कप में डाल लें।
- स्वादानुसार थोड़ा अदरक, शहद या नींबू मिला सकते हैं।
- इसे हल्का गर्म ही पिएँ।
लेमनग्रास चाय के फायदे
- पाचन में सहायता: भोजन के बाद लेने से गैस, पेट फूलना और अपच जैसी समस्याओं में कुछ लोगों को राहत मिल सकती है।
- तनाव में राहत: इसकी सुगंध और गर्म पेय होने के कारण यह मन को शांत करने और आराम महसूस कराने में सहायक हो सकती है।
- एंटीऑक्सीडेंट गुण: लेमनग्रास में एंटीऑक्सीडेंट यौगिक पाए जाते हैं, जो शरीर को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में मदद करते हैं।
- शरीर में अतिरिक्त पानी: यह हल्का मूत्रवर्धक प्रभाव दे सकती है, जिससे पेशाब के माध्यम से अतिरिक्त पानी बाहर निकलने में मदद हो सकती है।
- त्वचा के लिए: इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण त्वचा के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकते हैं, हालांकि मुहाँसे या त्वचा की चमक पर इसके प्रभाव के पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं।
नोट: लेमनग्रास चाय स्वास्थ्यवर्धक हर्बल पेय है, लेकिन इसे किसी बीमारी के उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
